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11.10.32
तस्मा॒द्वै वि॒द्वान्पुरु॑षमि॒दं ब्रह्मेति॑ मन्यते । सर्वा॒ ह्यस्मिन्दे॒वता॒ गावो॑ गो॒ष्ठ इ॒वास॑ते ॥ (३२)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
अथर्ववेद मन्त्र 11.10.32 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
इसी कारण विद्वान् इस पुरुष को ब्रह्म मानते हैं. जिस प्रकार गाएं गोशाला में रहती हैं, उसी प्रकार सब देवता मनुष्य के इस शरीर में निवास करते हैं. (३२)
EN English Translation
That is why scholars consider this man to be Brahman. Just as cows live in gaushalas, so all gods reside in this body of man. (32)