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अथर्ववेद

Kanda 11 • Sukta 7 • Mantra 20

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 11 • सूक्त 7 • मन्त्र 20

11.7.20

Mantra ID: 11.7.20

ओष॑धयो भूतभ॒व्यम॑होरा॒त्रे वन॒स्पतिः॑ । सं॑वत्स॒रः स॒हर्तुभि॒स्ते जा॒ता ब्र॑ह्मचा॒रिणः॑ ॥ (२०)

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अथर्ववेद मन्त्र 11.7.20 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जड़ीबूटियां और फसलें, भूतकाल में उत्पन्न और भविष्य में उत्पन्न होने वाला प्राणि समूह, दिन और रात, ऋतुओं के साथ संवत्सर-ये सब ब्रह्मचर्य से उत्पन्न हुए. (२०)

EN English Translation

Herbs and crops, animal groups originating in the past and born in the future, day and night, samvatsar with seasons - all these originated from celibacy. (20)

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