Kanda 11 • Sukta 7
Atharvaveda (अथर्ववेद)
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Kanda 11 • Sukta 7
ब्रह्मचा॒रीष्णंश्च॑रति॒ रोद॑सी उ॒भे तस्मि॑न्दे॒वाः संम॑नसो भवन्ति । स दा॑धार पृथि॒वीं दिवं॑ च॒ स आ॑चा॒र्यं तप॑सा पिपर्ति ॥ (१)
हि हिन्दी अनुवाद
वेदों का अध्ययन करने वाला अपने तप से धरती और आकाश दोनों में व्याप्त होता है. इंद्र आदि सभी देव इस ब्रह्मचारी के प्रति अनुग्रह करते हैं. यह ब्रह्मचारी अपने तप से धरती और स्वर्ग को धारण करता है तथा सन्मार्ग पर चलता हुआ अपने आचार्य का पालन करता है. (१)
EN English Translation
The one who studies the Vedas pervades both the earth and the sky through his penance. All gods like Indra have mercy on this brahmachari. This brahmachari wears the earth and heaven with his penance and follows his master by walking on the right path. (1)
ब्र॑ह्मचा॒रिणं॑ पि॒तरो॑ देवज॒नाः पृथ॑ग्दे॒वा अ॑नु॒संय॑न्ति॒ सर्वे॑ । ग॑न्ध॒र्वा ए॑न॒मन्वा॑य॒न्त्रय॑स्त्रिंशत्त्रिश॒ताः ष॑ट्सह॒स्राः सर्वा॒न्त्स दे॒वांस्तप॑सा पिपर्ति ॥ (२)
हि हिन्दी अनुवाद
पितर, देवजन एवं इंद्र आदि सभी देव ब्रह्मचारी की रक्षा के लिए उस के पीछे चलते हैं. गंधर्व भी ब्रह्मचारी का अनुगमन करते हैं. ब्रह्मचारी अपने तप से तैंतीस, तीस और छह हजार संख्या वाले सभी देवों का पालन करता है. (२)
EN English Translation
All the gods like Pitar, Devjan and Indra follow him to protect brahmachari. Gandharva also follows Brahmachari. Brahmachari follows all the gods with thirty-three, thirty and six thousand numbers with his tenacity. (2)
आ॑चा॒र्य उप॒नय॑मानो ब्रह्मचा॒रिणं॑ कृणुते॒ गर्भ॑म॒न्तः । तं रात्री॑स्ति॒स्र उ॒दरे॑ बिभर्ति॒ तं जा॒तं द्रष्टु॑मभि॒संय॑न्ति दे॒वाः ॥ (३)
हि हिन्दी अनुवाद
आचार्य ब्रह्मचारी का उपनयन अर्थात् यज्ञोपवीत संस्कार कर के अपने समीप रखता हुआ उसे विद्या से संपन्न करता है. आचार्य उस ब्रह्मचारी को तीन रात्रियों तक अपने अत्यधिक समीप रखता है. चौथे दिन विद्यामय शरीर से उत्पन्न उस ब्रह्मचारी को देखने के लिए देवगण एकत्र हो कर आते हैं. (३)
EN English Translation
Acharya brahmachari's upanayana i.e. yajnopavit sanskar and keeping it close to him, completes it with knowledge. Acharya keeps that brahmachari very close to him for three nights. On the fourth day, devgans gather to see that brahmachari born from the body of learning. (3)
इ॒यं स॒मित्पृ॑थि॒वी द्यौर्द्वि॒तीयो॒तान्तरि॑क्षं स॒मिधा॑ पृणाति । ब्र॑ह्मचा॒री स॒मिधा॒ मेख॑लया॒ श्रमे॑ण लो॒कांस्तप॑सा पिपर्ति ॥ (४)
हि हिन्दी अनुवाद
यह पृथ्वी ब्रह्मचारी की पहली समिधा है. ह्युलोक अर्थात् स्वर्ग ब्रह्मचारी की दूसरी समिधा है. ब्रह्मचारी स्वर्ग और पृथ्वी के मध्य अर्थात् अंतरिक्ष को अग्नि में डाली गई समिधा के द्वारा पूर्ण करता है. इस प्रकार ब्रह्मचारी समिधा, मेखला, श्रम और तप के द्वारा लोकों को पूर्ण करता है अर्थात् भर देता है. (४)
EN English Translation
This is the first samidha of prithvi brahmachari. Hulok i.e. heaven is the second samidha of Brahmachari. Brahmachari completes the space between heaven and earth, that is, by the samidha inserted into the agni. In this way, Brahmachari completes the worlds through samidha, mekhala, labor and penance, that is, fills it. (4)
पूर्वो॑ जा॒तो ब्रह्म॑णो ब्रह्मचा॒री घ॒र्मं वसा॑न॒स्तप॒सोद॑तिष्ठत् । तस्मा॑ज्जा॒तं ब्राह्म॑णं॒ ब्रह्म॑ ज्ये॒ष्ठं दे॒वाश्च॒ सर्वे॑ अ॒मृते॑न सा॒कम् ॥ (५)
हि हिन्दी अनुवाद
सर्व जगत् के कारण ब्रह्म से सब से पहले ब्रह्मचारी उत्पन्न हुआ. उत्पन्न हुआ ब्रह्मचारी धर्म से अपनेआप को ढकता हुआ तप के द्वारा उठा. उस ब्रह्मचारी रूपी ब्रह्म से ब्राह्मणों का धन वेद उत्पन्न हुआ. उस वेद से अमृत के साथ अग्नि आदि देव उत्पन्न हुए. (५)
EN English Translation
Because of the whole world, Brahman was born the first Brahmachari. Born brahmachari, covering himself with dharma, he rose through penance. The Wealth of Brahmins was born from that Brahmachari-like Brahman. From that Veda, agni adi dev was born with nectar. (5)
ब्र॑ह्मचा॒र्येति स॒मिधा॒ समि॑द्धः॒ कार्ष्णं॒ वसा॑नो दीक्षि॒तो दी॒र्घश्म॑श्रुः । स स॒द्य ए॑ति॒ पूर्व॑स्मा॒दुत्त॑रं समु॒द्रं लो॒कान्त्सं॒गृभ्य॒ मुहु॑रा॒चरि॑क्रत् ॥ (६)
हि हिन्दी अनुवाद
समिधा से उत्पन्न तेज को धारण करता हुआ, नियमों के द्वारा वश में किया गया, लंबी दाढ़ी वाला ब्रह्मचारी पूर्व सागर से उत्तर सागर की ओर गया. उस ने पृथ्वी, अंतरिक्ष आदि लोकों को वश में कर के अपने अभिमुख किया. (६)
EN English Translation
Possessing the radiance generated by samidha, subdued by the rules, the long-bearded brahmachari went from the east sea to the north sea. He subdued the earth, space, etc. and turned himself in his face. (6)
ब्र॑ह्मचा॒री ज॒नय॒न्ब्रह्मा॒पो लो॒कं प्र॒जाप॑तिं परमे॒ष्ठिनं॑ वि॒राज॑म् । गर्भो॑ भू॒त्वामृत॑स्य॒ योना॒विन्द्रो॑ ह भू॒त्वासु॑रांस्ततर्ह ॥ (७)
हि हिन्दी अनुवाद
उस ब्रह्मचारी ने ब्राह्मण जाति के जल अर्थात् गंगा आदि नदियों को, स्वर्ग आदि लोकों को, प्रजाओं की सृष्टि करने वाले प्रजापति को तथा प्रजापति के बाद सृष्टि की रचना करने वाले परमेष्ठी को उत्पन्न किया. वह ब्रह्मचारी मृत्यु रहित ब्रह्म की सत्ता, रज, तमोगुण वाली प्रकृति में गर्भ बन कर सब को जन्म देता है. उस ने तप के बल से इंद्र हो कर देवों के विरोधी असुरों का विनाश किया. (७)
EN English Translation
That Brahmachari created the water of the Brahmin jati i.e. rivers like Ganga, heaven etc., Prajapati, who created the subjects and Parmeshti, who created the world after Prajapati. That brahmachari becomes the womb in the nature of Brahman's power, raja, tamoguna without death and gives birth to everyone. He became Indra with the strength of penance and destroyed the asuras opposed to the gods. (7)
आ॑चा॒र्यस्ततक्ष॒ नभ॑सी उ॒भे इ॒मे उ॒र्वी ग॑म्भी॒रे पृ॑थि॒वीं दिवं॑ च । ते र॑क्षति॒ तप॑सा ब्रह्मचा॒री तस्मि॑न्दे॒वाः संम॑नसो भवन्ति ॥ (८)
हि हिन्दी अनुवाद
आचार्य ने उसी क्षण आकाश और धरती दोनों को जन्म दिया. ये दोनों विस्तृत और गंभीर हैं. पृथ्वी विस्तृत है और आकाश गंभीर है. ब्रह्मचारी अपने तप से दोनों की चर्चा करता है. उस ब्रह्मचारी से सभी देव प्रसन्न होते हैं. (८)
EN English Translation
Acharya gave birth to both the sky and the earth at that moment. Both of these are detailed and serious. The earth is wide and the sky is grim. Brahmachari discusses both with his tenacity. All the gods are pleased with that brahmachari. (8)
इ॒मां भूमिं॑ पृथि॒वीं ब्र॑ह्मचा॒री भि॒क्षामा ज॑भार प्रथ॒मो दिवं॑ च । ते कृ॒त्वा स॒मिधा॒वुपा॑स्ते॒ तयो॒रार्पि॑ता॒ भुव॑नानि॒ विश्वा॑ ॥ (९)
हि हिन्दी अनुवाद
सब से पहले उत्पन्न ब्रह्मचारी ने इस विस्तृत भूमि को पहली भिक्षा के रूप में ग्रहण किया. इस के बाद स्वर्ग को दूसरी भिक्षा के रूप में ग्रहण किया. वह भिक्षा में प्राप्त उन स्वर्ग और धरती को समिधा बना कर अग्नि की परिचर्या अर्थात् सेवा करता है. स्वर्ग और पृथ्वी के मध्य सभी प्राणी स्थापित किए गए हैं. (९)
EN English Translation
Brahmachari, the first born, took this vast land as the first alms. After this, heaven was taken as the second alms. He takes care of agni by making those heaven and earth obtained in alms as a companion. All beings are established between heaven and earth. (9)
अ॒र्वाग॒न्यः प॒रो अ॒न्यो दि॒वस्पृ॒ष्ठाद्गुहा॑ नि॒धी निहि॑तौ॒ ब्राह्म॑णस्य । तौ र॑क्षति॒ तप॑सा ब्रह्मचा॒री तत्केव॑लं कृणुते॒ ब्रह्म॑ वि॒द्वान् ॥ (१०)
हि हिन्दी अनुवाद
स्वर्ग के ऊपरी भाग से तथा उस के नीचे के भाग अर्थात् धरती पर वेद रूपी खजाने को आचार्य की हुदयरूपी गुफा में छिपा दिया. दूसरा खजाना अर्थात् वेद के द्वारा प्रतिपाद्य देवों को स्थापित किया. वेद पढ़ने वाले से संबंधित इन दोनों खजानों की रक्षा ब्रह्मचारी अपने तप से करता है. वह वेद के रूप में उस के विषय ब्रह्म का ही साक्षात्कार करता है. (१०)
EN English Translation
From the upper part of heaven and the lower part of it, that is, on the earth, the treasure of the Vedas was hidden in the cave of Acharya. The second treasure i.e. the Vedas established the pratipadya devas. Brahmachari protects these two treasures related to the reader of Vedas with his tenacity. He interviews brahma as the Vedas. (10)
अ॒र्वाग॒न्य इ॒तो अ॒न्यः पृ॑थि॒व्या अ॒ग्नी स॒मेतो॒ नभ॑सी अन्त॒रेमे । तयोः॑ श्रयन्ते र॒श्मयोऽधि॑ दृ॒ढास्ताना ति॑ष्ठति॒ तप॑सा ब्रह्मचा॒री ॥ (११)
हि हिन्दी अनुवाद
इस स्वर्ग के नीचे एक सूर्यात्मक अग्नि है और दूसरी पृथ्वी के ऊपर है. इस स्वर्ग और धरती के मध्य दोनों अग्नियां आपस में मिल कर उदय होती हैं. उन सूर्य और अग्नि से संबंधित किरणें धरती और स्वर्ग के मध्य आश्रय लेती हैं. ब्रह्मचारी अपने तप की महिमा से उन का देवता बनता है. (११)
EN English Translation
There is one sun agni beneath this heaven and another above the earth. Between this heaven and earth, both agnis arise together. Those rays related to the sun and agni take shelter between the earth and heaven. Brahmachari becomes their deity with the glory of his penance. (11)
अ॑भि॒क्रन्द॑न्स्त॒नय॑न्नरु॒णः शि॑ति॒ङ्गो बृ॒हच्छेपोऽनु॒ भूमौ॑ जभार । ब्र॑ह्मचा॒री सि॑ञ्चति॒ सानौ॒ रेतः॑ पृथि॒व्यां तेन॑ जीवन्ति प्र॒दिश॒श्चत॑स्रः ॥ (१२)
हि हिन्दी अनुवाद
मेघों में गर्जन करता हुआ, जल पूर्ण मेघ को प्राप्त वह ब्रह्मचारी वरुण बन कर अपने जलरूपी वीर्य को ऊंचे स्थानों पर बरसाता है. उस जल से धरती पर चारों दिशाएं प्राणियों को धारण करती हैं. (१२)
EN English Translation
Roaring in the clouds, he becomes a brahmachari Varuna, who attains the full cloud of water, and showers his water-like semen in high places. With that water, the four directions on the earth hold the creatures. (12)
अ॒ग्नौ सूर्ये॑ च॒न्द्रम॑सि मात॒रिश्व॑न्ब्रह्मचा॒र्यप्सु स॒मिध॒मा द॑धाति । तासा॑म॒र्चींषि॒ पृथ॑ग॒भ्रे च॑रन्ति॒ तासा॒माज्यं॒ पुरु॑षो व॒र्षमापः॑ ॥ (१३)
हि हिन्दी अनुवाद
ब्रह्मचारी अग्नि में, सूर्य में, चंद्रमा में, वायु में और जल में समिधा को धारण करता है. अग्नि आदि की किरणें अंतरिक्ष अर्थात् आकाश में अलग-अलग विचरण करती हैं. वे किरणें गायों में घृत को, पुरुष और स्त्री में संतान को तथा वर्षा में जल को उत्पन्न करती हैं. (१३)
EN English Translation
Brahmachari holds samidha in agni, in sun, in moon, in air and in water. The rays of agni etc. travel differently in space i.e. sky. Those rays produce hatred in cows, children in men and women, and water in rain. (13)
आ॑चा॒र्यो मृ॒त्युर्वरु॑णः॒ सोम॒ ओष॑धयः॒ पयः॑ । जी॒मूता॑ आस॒न्त्सत्वा॑न॒स्तैरि॒दं स्वराभृ॑तम् ॥ (१४)
हि हिन्दी अनुवाद
आचार्य ही मृत्यु, वरुण, सोम, जड़ीबूटियां, फसलें एवं जल है. आचार्य रूपी वरुण के अनुचर जलपूर्ण मेघ हुए. उन मेघों ने अपने भीतर वर्षा के निमित्त जल धारण किया है. (१४)
EN English Translation
Acharya is death, Varuna, Som, herbs, crops and water. Acharya's followers of Varuna were watery clouds. Those clouds have held water for the rain within themselves. (14)
अ॒मा घृ॒तं कृ॑णुते॒ केव॑लमाचा॒र्यो भू॒त्वा वरु॑णो॒ यद्य॒दैच्छ॑त्प्र॒जाप॑तौ । तद्ब्र॑ह्मचा॒री प्राय॑च्छ॒त्स्वान्मि॒त्रो अध्या॒त्मनः॑ ॥ (१५)
हि हिन्दी अनुवाद
वरुण देव आचार्य हो कर जल को ही उत्पन्न करते हैं. वह वरुण अपने जनक प्रजापति अर्थात् ब्रह्म से जो चाहता है, मित्र देव बन कर अपने ब्रह्मचर्य के माहात्म्य के द्वारा अपने शरीर से ही प्राप्त कर लेता है. (१५)
EN English Translation
Varun Dev, being acharya, produces water only. That Varuna gets whatever he wants from his janak Prajapati i.e. Brahma, by becoming a friend god and getting it from his body through the greatness of his celibacy. (15)
आ॑चा॒र्यो ब्रह्मचा॒री ब्र॑ह्मचा॒री प्र॒जाप॑तिः । प्र॒जाप॑ति॒र्वि रा॑जति वि॒राडिन्द्रो॑ऽभवद्व॒शी ॥ (१६)
हि हिन्दी अनुवाद
आचार्य पहले विद्या का उपदेश कर के ब्रह्मचारी के रूप में उत्पन्न हुआ. ब्रह्मचारी तप के द्वारा अधिक महिमा को प्राप्त कर के जगत् स्रष्टा प्रजापति हुआ. प्रजापति विराट् हुआ. बाद में वह स्वतंत्र इंद्र हुआ. (१६)
EN English Translation
Acharya first originated as a brahmachari by preaching vidya. Jagat Srishta Prajapati became by attaining more glory through brahmachari penance. Prajapati virat happened. Later he became independent Indra. (16)
ब्र॑ह्म॒चर्ये॑ण॒ तप॑सा॒ राजा॑ रा॒ष्ट्रं वि र॑क्षति । आ॑चा॒र्यो ब्रह्म॒चर्ये॑ण ब्रह्मचा॒रिण॑मिच्छते ॥ (१७)
हि हिन्दी अनुवाद
ब्रह्मचर्यं रूपी तप से राजा राष्ट्र की रक्षा करता है. आचार्य भी ब्रह्मचर्य के नियम के द्वारा अपने शिष्य को अपने समान बनाना चाहता है. (१७)
EN English Translation
The king protects the nation with the tenacity of celibacy. Acharya also wants to make his disciple like him through the rule of celibacy. (17)
ब्र॑ह्म॒चर्ये॑ण क॒न्या॒ युवा॑नं विन्दते॒ पति॑म् । अ॑न॒ड्वान्ब्र॑ह्म॒चर्ये॒णाश्वो॑ घा॒सं जि॑गीर्षति ॥ (१८)
हि हिन्दी अनुवाद
ब्रह्मचर्य के द्वारा कन्या युवा पति को प्राप्त करती है. ब्रह्मचर्य के द्वारा बैल और घोड़ा घास खाने की इच्छा करता है. (१८)
EN English Translation
Through celibacy, the girl attains a young husband. Through celibacy, the bull and horse desire to eat grass. (18)
ब्र॑ह्म॒चर्ये॑ण॒ तप॑सा दे॒वा मृ॒त्युमपा॑घ्नत । इन्द्रो॑ ह ब्रह्म॒चर्ये॑ण दे॒वेभ्यः॒ स्वराभ॑रत् ॥ (१९)
हि हिन्दी अनुवाद
ब्रह्मचर्य रूपी तप के द्वारा देवों ने मृत्यु का हनन कर दिया अर्थात् देव अमर हो गए. इंद्र ने ब्रह्मचर्य के द्वारा देवों के लिए स्वर्ग पर अधिकार किया. (१९)
EN English Translation
Through the penance of celibacy, the gods violated death, that is, the gods became immortal. Indra conquered heaven for the gods through celibacy. (19)
ओष॑धयो भूतभ॒व्यम॑होरा॒त्रे वन॒स्पतिः॑ । सं॑वत्स॒रः स॒हर्तुभि॒स्ते जा॒ता ब्र॑ह्मचा॒रिणः॑ ॥ (२०)
हि हिन्दी अनुवाद
जड़ीबूटियां और फसलें, भूतकाल में उत्पन्न और भविष्य में उत्पन्न होने वाला प्राणि समूह, दिन और रात, ऋतुओं के साथ संवत्सर-ये सब ब्रह्मचर्य से उत्पन्न हुए. (२०)
EN English Translation
Herbs and crops, animal groups originating in the past and born in the future, day and night, samvatsar with seasons - all these originated from celibacy. (20)
पार्थि॑वा दि॒व्याः प॒शव॑ आर॒ण्या ग्रा॒म्याश्च॒ ये । अ॑प॒क्षाः प॒क्षिण॑श्च॒ ये ते जा॒ता ब्र॑ह्मचा॒रिणः॑ ॥ (२१)
हि हिन्दी अनुवाद
पृथ्वी पर रहने वाले मनुष्य, देव, जंगली और ग्रामीण पशु, बिना पंखों के और पंखों वाले प्राणी सभी ब्रह्मचर्य से उत्पन्न हुए. (२१)
EN English Translation
Humans living on earth, gods, wild and rural animals, creatures without wings and with wings all originated from celibacy. (21)
पृथ॒क्सर्वे॑ प्राजाप॒त्याः प्रा॒णाना॒त्मसु॑ बिभ्रति । तान्त्सर्वा॒न्ब्रह्म॑ रक्षति ब्रह्मचा॒रिण्याभृ॑तम् ॥ (२२)
हि हिन्दी अनुवाद
प्रजापति के द्वारा उत्पन्न देव, मनुष्य आदि सभी अपने शरीरों में प्राणों को धारण करते हैं. उन सभी की रक्षा आचार्य के द्वारा ब्रह्मचारी में धारण किया हुआ अर्थात् पढ़ाया हुआ वेद करता है. (२२)
EN English Translation
Gods, human beings, etc. produced by Prajapati all wear pranas in their bodies. All of them are protected by the Acharya in Brahmachari, that is, the Vedas taught. (22)
दे॒वाना॑मे॒तत्प॑रिषू॒तमन॑भ्यारूढं चरति॒ रोच॑मानम् । तस्मा॑ज्जा॒तं ब्राह्म॑णं॒ ब्रह्म॑ ज्ये॒ष्ठं दे॒वाश्च॒ सर्वे॑ अ॒मृते॑न सा॒कम् ॥ (२३)
हि हिन्दी अनुवाद
इस अपरोक्ष ब्रह्म का साक्षात्कार देवों ने किया है. यह ब्रह्म अपने प्रकाश से प्रकाशित और सब से उत्कृष्ट है. ब्राह्मण से सब से अधिक बढ़ा हुआ और प्रशंसनीय वेद रूपी ब्रह्म उत्पन्न हुआ है. अग्नि आदि सब देव अपने द्वारा उपभोग किए जाने वाले अमृत के साथ उत्पन्न हुए. (२३)
EN English Translation
This aproksha Brahman has been interviewed by the gods. This Brahman is illuminated by its light and excellent of all. Brahman, the most extended and admired Veda-form Brahman, has been born. All the gods like agni etc. were born with the nectar they consumed. (23)
ब्र॑ह्मचा॒री ब्रह्म॒ भ्राज॑द्बिभर्ति॒ तस्मि॑न्दे॒वा अधि॒ विश्वे॑ स॒मोताः॑ । प्रा॑णापा॒नौ ज॒नय॒न्नाद्व्या॒नं वाचं॒ मनो॒ हृद॑यं॒ ब्रह्म॑ मे॒धाम् ॥ (२४)
हि हिन्दी अनुवाद
ब्रह्मचर्य का पालन करने वाला पुरुष दीप्ति वाले वेदरूपी ब्रह्म को धारण करता है. उस वेद से सभी देव संबंधित हैं. देवों का निवास बना हुआ ब्रह्मचारी प्राण और अपान के बाद ज्ञान को, मन, वाणी, हृदय और मेधा को उत्पन्न करता है. (२४)
EN English Translation
A man who follows celibacy wears the radiant Vedari Brahman. All the gods are related to that Veda. Brahmachari, the abode of gods, produces life and knowledge, mind, speech, heart and intelligence after apana. (24)
चक्षुः॒ श्रोत्रं॒ यशो॑ अ॒स्मासु॑ धे॒ह्यन्नं॒ रेतो॒ लोहि॑तमु॒दर॑म् ॥ (२५)
हि हिन्दी अनुवाद
हे ब्रह्मचारी रूपी ब्रह्म! हम स्तोत्राओं में चक्षु, क्षेत्र अर्थात् यज्ञ को धारण करो. तुम अन्न, वीर्य, रक्त तथा संपूर्ण शरीर को हम में धारण करो. (२५)
EN English Translation
O Brahmachari Brahman! We should wear the eye, the area i.e. yajna in the stotras. You should hold food, semen, blood and the whole body in us. (25)
तानि॒ कल्प॑द् ब्रह्मचा॒री स॑लि॒लस्य॑ पृ॒ष्ठे तपो॑ऽतिष्ठत्त॒प्यमा॑नः समु॒द्रे । स स्ना॒तो ब॒भ्रुः पि॑ङ्ग॒लः पृ॑थि॒व्यां ब॒हु रो॑चते ॥ (२६)
हि हिन्दी अनुवाद
ब्रह्मचारी उन अन्न आदि को उत्पन्न करता हुआ, जल के ऊपर तपस्या करता हुआ सागर पर वर्तमान रहता है. स्नान से पवित्र हुआ एवं कबरे रंग के साथ पीले रंग का होता हुआ पृथ्वी पर अधिक दीप्त होता है. अर्थात् अधिक चमकता है (२६)
EN English Translation
Brahmachari, producing those grains etc., doing penance on water, remains present on the ocean. Bathing purifies and turns yellow with kabre color and is more bright on the earth. That is, shines more (26)