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अथर्ववेद

Kanda 11 • Sukta 7 • Mantra 23

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 11 • सूक्त 7 • मन्त्र 23

11.7.23

Mantra ID: 11.7.23

दे॒वाना॑मे॒तत्प॑रिषू॒तमन॑भ्यारूढं चरति॒ रोच॑मानम् । तस्मा॑ज्जा॒तं ब्राह्म॑णं॒ ब्रह्म॑ ज्ये॒ष्ठं दे॒वाश्च॒ सर्वे॑ अ॒मृते॑न सा॒कम् ॥ (२३)

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अथर्ववेद मन्त्र 11.7.23 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

इस अपरोक्ष ब्रह्म का साक्षात्कार देवों ने किया है. यह ब्रह्म अपने प्रकाश से प्रकाशित और सब से उत्कृष्ट है. ब्राह्मण से सब से अधिक बढ़ा हुआ और प्रशंसनीय वेद रूपी ब्रह्म उत्पन्न हुआ है. अग्नि आदि सब देव अपने द्वारा उपभोग किए जाने वाले अमृत के साथ उत्पन्न हुए. (२३)

EN English Translation

This aproksha Brahman has been interviewed by the gods. This Brahman is illuminated by its light and excellent of all. Brahman, the most extended and admired Veda-form Brahman, has been born. All the gods like agni etc. were born with the nectar they consumed. (23)

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