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अथर्ववेद

Kanda 11 • Sukta 9 • Mantra 17

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 11 • सूक्त 9 • मन्त्र 17

11.9.17

Mantra ID: 11.9.17

ऋ॒तं स॒त्यं तपो॑ रा॒ष्ट्रं श्रमो॒ धर्म॑श्च॒ कर्म॑ च । भू॒तं भ॑वि॒ष्यदुच्छि॑ष्टे वी॒र्यं ल॒क्ष्मीर्बलं॒ बले॑ ॥ (१७)

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अथर्ववेद मन्त्र 11.9.17 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

ऋत, सत्य, तप, राष्ट्र, श्रम, धर्म, कर्म, भूतकाल, भविष्यकाल, वीर्य, लक्ष्मी और बल यज्ञशेष रूपी बल में आश्रित है. (१७)

EN English Translation

Rita, Satya, Tapa, Rashtra, Labour, Dharma, Karma, Past, Bhavishyakal, Semen, Lakshmi and Bal are dependent in the force of Yajnashesh. (17)

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