Atharvaveda Quick Jump
Navigate to any Kanda or Mantra
12.1.32
मा नः॑ प॒श्चान्मा पु॒रस्ता॑न्नुदिष्ठा॒ मोत्त॒राद॑ध॒रादु॒त । स्व॒स्ति भू॑मे नो भव॒ मा वि॑दन्परिप॒न्थिनो॒ वरी॑यो यावया व॒धम् ॥ (३२)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
अथर्ववेद मन्त्र 12.1.32 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे पृथ्वी! तू मेरे पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण चारों ओर खड़ी रहे. मुझे दस्यु प्राप्त न करे. तू विशाल हिंसा से मुझे बचाती हुई मंगल करने वाली हो. (३२)
EN English Translation
O earth! You stand around me east, west, north, south. Don't get me bandits. You are going to protect me from the huge violence. (32)