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अथर्ववेद

Kanda 12 • Sukta 10 • Mantra 14

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 12 • सूक्त 10 • मन्त्र 14

12.10.14

Mantra ID: 12.10.14

अघ्न्ये॒ प्र शिरो॑ जहि ब्रह्म॒ज्यस्य॑ कृ॒ताग॑सो देवपी॒योर॑रा॒धसः॑ ॥ (१४)

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अथर्ववेद मन्त्र 12.10.14 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अघ्न्या! तू उस देव हिंसक अपरधी के कार्य को विफल करने के लिए उस के शीश को काट डाल. (१४)

EN English Translation

O Aghnya! You cut off the head of that god to thwart the act of violent agadhi. (14)

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