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अथर्ववेद

Kanda 12 • Sukta 10 • Mantra 4

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 12 • सूक्त 10 • मन्त्र 4

12.10.4

Mantra ID: 12.10.4

क्षि॒प्रं वै तस्य॑ पृच्छन्ति॒ यत्तदासी॑३दि॒दं नु ता३दिति॑ ॥ (४)

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अथर्ववेद मन्त्र 12.10.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जो क्षत्रिय ब्राह्मण की गाय ले जाता है, उस के विषय में यह कहा जाने लगता है कि क्या यह उस का घर है. (४)

EN English Translation

The Kshatriya who takes away the Brahmin's cow, it is said about him whether this is his house. (4)

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