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अथर्ववेद

Kanda 12 • Sukta 11 • Mantra 4

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 12 • सूक्त 11 • मन्त्र 4

12.11.4

Mantra ID: 12.11.4

ए॒वा त्वं दे॑व्यघ्न्ये ब्रह्म॒ज्यस्य॑ कृ॒ताग॑सो देवपी॒योर॑रा॒धसः॑ ॥ (४)

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अथर्ववेद मन्त्र 12.11.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अघ्न्या देवी! तू अपराध करने वाले अपहरणकर्ता, देव हिंसक के कंधों और सिर को काट दे. (४)

EN English Translation

O Goddess! Cut off the shoulders and head of the kidnapper who committed the crime, Dev Violent. (4)

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