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12.2.17
यस्मि॑न्दे॒वा अमृ॑जत॒ यस्मि॑न्मनु॒ष्या उ॒त । तस्मि॑न्घृत॒स्तावो॑ मृ॒ष्ट्वा त्वम॑ग्ने॒ दिवं॑ रुह ॥ (१७)
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अथर्ववेद मन्त्र 12.2.17 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अग्नि! जिस में देवता और मनुष्य शुद्ध होते हैं, उस में शुद्ध हो कर तू भी स्वर्ग को जा. (१७)
EN English Translation
O agni! In which gods and men are purified, you also go to heaven. (17)