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अथर्ववेद

Kanda 12 • Sukta 2 • Mantra 23

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 12 • सूक्त 2 • मन्त्र 23

12.2.23

Mantra ID: 12.2.23

इ॒मं जी॒वेभ्यः॑ परि॒धिं द॑धामि॒ मैषां॒ नु गा॒दप॑रो॒ अर्थ॑मे॒तम् । श॒तं जीव॑न्तः श॒रदः॑ पुरू॒चीस्ति॒रो मृ॒त्युं द॑धतां॒ पर्व॑तेन ॥ (२३)

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अथर्ववेद मन्त्र 12.2.23 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे मनुष्यो! तुम अपनी मृत्यु को पत्थर से दबाओ. मैं तुम्हें पत्थर रूपी कवच देता हूं. उसे कोई अन्य प्राप्त न करे. तुम सौ वर्षो तक जीवित रहो. (२३)

EN English Translation

O men! You press your death with stone. I give you stone-like armor. Don't get him any other. May you live for a hundred years. (23)

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