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12.3.15
वन॒स्पतिः॑ स॒ह दे॒वैर्न॒ आग॒न्रक्षः॑ पिशा॒चाँ अ॑प॒बाध॑मानः । स उच्छ्र॑यातै॒ प्र व॑दाति॒ वाचं॒ तेन॑ लो॒काँ अ॒भि सर्वा॑ञ्जयेम ॥ (१५)
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अथर्ववेद मन्त्र 12.3.15 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
यह वनस्पति राक्षसों और पिशाचों को रोकती हुई हम को प्राप्त हुई है. वह हमें उच्च स्वर वाला तथा सभी लोकों पर विजय प्राप्त करने वाला बनाए. (१५)
EN English Translation
This vegetation has received from preventing monsters and vampires to us. He should make us high-pitched and conquer all worlds. (15)