Popular:
अथर्ववेद

Kanda 12 • Sukta 7 • Mantra 14

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 12 • सूक्त 7 • मन्त्र 14

12.7.14

Mantra ID: 12.7.14

श॑र॒व्या॒ मुखे॑ऽपिन॒ह्यमा॑न॒ ऋति॑र्ह॒न्यमा॑ना ॥ (१४)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 12.7.14 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

यह गाय पीटने पर दुर्गति प्रदान करती है तथा ढकने पर विनाश करने वाली होती है. (१४)

EN English Translation

This cow causes misery when beaten and is destructive when covered. (14)

卐 HinduText AI