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12.7.4
सा ब्र॑ह्म॒ज्यं दे॑वपी॒युं ब्र॑ह्मग॒व्यादी॒यमा॑ना मृ॒त्योः पड्वी॑ष॒ आ द्य॑ति ॥ (४)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
अथर्ववेद मन्त्र 12.7.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
ब्राह्मण से छीनी हुई इस प्रकार की यह गाय ब्राह्मणत्व को अपमानित करने वाले मनुष्य को मृत्यु के बंधन में बांध देती है. (४)
EN English Translation
This type of cow snatched from a Brahmin binds a man who humiliates Brahmanism in the bondage of death. (4)