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अथर्ववेद

Kanda 12 • Sukta 8 • Mantra 1

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 12 • सूक्त 8 • मन्त्र 1

12.8.1

Mantra ID: 12.8.1

वैरं॑ विकृ॒त्यमा॑ना॒ पौत्रा॑द्यं विभा॒ज्यमा॑ना ॥ (१)

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अथर्ववेद मन्त्र 12.8.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

यह ब्राह्मण की अपहृत अर्थात्‌ चुराई हुई गाय है. यह पुत्र, पौत्र आदि का बंटवारा कर उन का विनाश करने वाली है. (१)

EN English Translation

This is a Brahmin's abducted cow. It is going to destroy sons, grandsons etc. by dividing them. (1)

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