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अथर्ववेद

Kanda 12 • Sukta 8 • Mantra 8

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 12 • सूक्त 8 • मन्त्र 8

12.8.8

Mantra ID: 12.8.8

अभू॑तिरुपह्रि॒यमा॑णा॒ परा॑भूति॒रुप॑हृता ॥ (८)

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अथर्ववेद मन्त्र 12.8.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

यदि ब्राह्मण की गाय चुरा कर किसी को उपहार में दी जाए तो यह पराभव अर्थात्‌ हार का कारण बनती है. उपहार में देने के बाद यह उपहार देने वाले की समृद्धि नष्ट करती है. (८)

EN English Translation

If a Brahmin's cow is stolen and gifted to someone, it causes defeat. After gifting, it destroys the prosperity of the gift giver. (8)

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