Popular:
अथर्ववेद

Kanda 13 • Sukta 7 • Mantra 17

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 13 • सूक्त 7 • मन्त्र 17

13.7.17

Mantra ID: 13.7.17

उपो॑ ते॒ बध्वे॒ बद्धा॑नि॒ यदि॒ वासि॒ न्यर्बुदम् ॥ (१७)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 13.7.17 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

तुम सैकड़ों बांधे हुओं के बांधने वाले और अंत रहित हो. (१७)

EN English Translation

You are the tying and endless of hundreds of bounds. (17)

卐 HinduText AI