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अथर्ववेद

Kanda 14 • Sukta 2 • Mantra 7

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 14 • सूक्त 2 • मन्त्र 7

14.2.7

Mantra ID: 14.2.7

या ओष॑धयो॒ यान॒द्यो॒ यानि॒ क्षेत्रा॑णि॒ या वना॑ । तास्त्वा॑ वधु प्र॒जाव॑तीं॒ पत्ये॑रक्षन्तु र॒क्षसः॑ ॥ (७)

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अथर्ववेद मन्त्र 14.2.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे वधू! ओषधि, नदी, श्वैत और वन तुझे संतान वाली बनाएं तथा दुष्टों से तेरे पति की रक्षा करें. (७)

EN English Translation

O bride! Make the medicine, the river, the white and the forest with children and protect your husband from the wicked. (7)

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