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15.13.11
अथ यस्याव्रात्यो वात्यब्रुवो नामबिश्रत्यतिथिर्गृहानागच्छेत्.. (११)
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अथर्ववेद मन्त्र 15.13.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
जिस के घर अपनेआप को व्रात्य बताने वाला कोई अब्रात्य आए तो वया गृहस्थ उसे अपने घर से भगा दे. नहीं, उस को भी भगाना नहीं चाहिए. (११)
EN English Translation
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