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अथर्ववेद

Kanda 15 • Sukta 14 • Mantra 19

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 15 • सूक्त 14 • मन्त्र 19

15.14.19

Mantra ID: 15.14.19

स यद्दे॒वाननु॒व्यच॑ल॒दीशा॑नो भू॒त्वानु॒व्यचलन्म॒न्युम॑न्ना॒दं कृ॒त्वा ॥ (१९)

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अथर्ववेद मन्त्र 15.14.19 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जब वह देवता की ओर चला, तब यज्ञ को अन्नाद बना कर ईशान बनता हुआ चला. (१९)

EN English Translation

When he walked towards the deity, he made the yajna annad and went on to become Ishan. (19)

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