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अथर्ववेद

Kanda 18 • Sukta 2 • Mantra 39

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 18 • सूक्त 2 • मन्त्र 39

18.2.39

Mantra ID: 18.2.39

प्रेमां मात्रां॑मिमीमहे॒ यथाप॑रं॒ न मासा॑तै । श॒ते श॒रत्सु॑ नो पु॒रा ॥ (३९)

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अथर्ववेद मन्त्र 18.2.39 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हम इस श्मशान को अच्छी प्रकार नापते हैं, जिस से हमें सौ वर्ष से पहले बीच में ही श्मशान कर्म प्राप्त न हो. (३९)

EN English Translation

We measure this crematorium well, so that we do not get cremation work in the middle before a hundred years. (39)

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