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अथर्ववेद

Kanda 18 • Sukta 4 • Mantra 69

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 18 • सूक्त 4 • मन्त्र 69

18.4.69

Mantra ID: 18.4.69

उदु॑त्त॒मंव॑रुण॒ पाश॑म॒स्मदवा॑ध॒मं वि म॑ध्य॒मं श्र॑थाय । अधा॑ व॒यमा॑दित्य व्र॒ते तवाना॑गसो॒ अदि॑तयेस्याम ॥ (६९)

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अथर्ववेद मन्त्र 18.4.69 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे वरुण! तुम अपने उत्तम, मध्यम और निकृष्ट पाशों अर्थात्‌ फंदों को हम से दूर रखो. तुम्हारे पाशों से छूटते हुए हम तुम्हारी सेवा करें तथा कोई हमारी हिंसा न करे. (६९)

EN English Translation

O Varuna! Keep your good, medium and inferior loops away from us. Let us serve you free from your clutches and no one should do us violence. (69)

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