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19.56.6
वि॒द्म ते॒ सर्वाः॑ परि॒जाः पु॒रस्ता॑द्वि॒द्म स्व॑प्न॒यो अ॑धि॒पा इ॒हा ते॑ । य॑श॒स्विनो॑ नो॒ यश॑से॒ह पा॑ह्या॒राद्द्वि॒षेभि॒रप॑ याहि दू॒रम् ॥ (६)
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अथर्ववेद मन्त्र 19.56.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे स्वप्र! हम तेरे सभी परिजनों को जानते हैं तथा इस समय तेरा जो स्वामी है, उसे भी जानते हैं. तेरे परिजनों तथा स्वामी को जानने वाले हम यशस्वीजनों की इस प्रसंग में यज्ञ अथवा अन्न के लिए रक्षा करो. जो लोग हम से द्वेष करते हैं, तुम उन के साथ दूर देश में चले जाओ. (६)
EN English Translation
O self- We know all your family members and also the master you have at this time. Protect your family and those who know the master for yajna or food in this context. Those who hate us, you go away with them to the distant land. (6)