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19.9.14
पृ॑थि॒वी शान्ति॑र॒न्तरि॑क्षं॒ शान्ति॒र्द्यौः शान्ति॒रापः॒ शान्ति॒रोष॑धयः॒ शान्ति॒र्वन॒स्पत॑यः॒ शान्ति॒र्विश्वे॑ मे दे॒वाः शान्तिः॒ सर्वे॑ मे देवाः॒ शान्तिः॒ शान्तिः॒ शान्तिः॒ शान्ति॑भिः । ताभिः॒ शान्ति॑भिः॒ सर्व॒ शान्ति॑भिः॒ शम॑यामो॒ऽहं यदि॒ह घो॒रं यदि॒ह क्रू॒रं यदि॒ह पा॒पं तच्छा॒न्तं तच्छि॒वं सर्व॑मे॒व शम॑स्तु नः ॥ (१४)
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अथर्ववेद मन्त्र 19.9.14 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
पृथ्वी, अंतरिक्ष, द्युलोक, जल, ओषधियां, वनस्पतियां तथा सभी देव हमारी अपेक्षा अधिक शक्ति प्राप्त करें. सभी प्रकार की इस शांति प्रक्रिया में यहां जो भयानक और निर्दय फल है, उसे हम दूर करते हैं. ये सभी शांत बन कर हमें कल्याण प्रदान करें. (१४)
EN English Translation
May earth, space, deuts, water, medicines, vegetation and all gods get more power than us. We remove the terrible and merciless fruit that is here in this peace process of all kinds. May all of them become calm and give us welfare. (14)