Kanda 2 • Sukta 23
Atharvaveda (अथर्ववेद)
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Kanda 2 • Sukta 23
आपो॒ यद्व॒स्तप॒स्तेन॒ तं प्र॑ति तपत॒ यो॑३ ऽस्मान्द्वेष्टि॒ यं व॒यं द्वि॒ष्मः ॥ (१)
हि हिन्दी अनुवाद
हे जल देव! तुम्हारी जो दूसरों को संताप देने की शक्ति है, उस से उन्हें संताप प्रदान करो जो हम से द्वेष करते हैं और हम जिन से द्वेष करते हैं. (१)
EN English Translation
O God of Water! Give anger to those who hate us and those we hate with you who have the power to anger others. (1)
आपो॒ यद्व॒स्हर॒स्तेन॒ तं प्र॑ति हरत॒ यो॑३ ऽस्मान्द्वेष्टि॒ यं व॒यं द्वि॒ष्मः ॥ (२)
हि हिन्दी अनुवाद
हे जल देव! तुम्हारी जो हरण करने की शक्ति है, उस से उन की सुखशांति का हरण करो जो हम से द्वेष करते हैं अथवा हम जिन से द्वेष करते हैं. (२)
EN English Translation
O God of Water! Take away the peace of those who hate us or those we hate with the power to kidnap you. (2)
आपो॒ यद्वो॒ऽर्चिस्तेन॒ तं प्र॑त्यर्चत॒ यो॑३ ऽस्मान्द्वेष्टि॒ यं व॒यं द्वि॒ष्मः ॥ (३)
हि हिन्दी अनुवाद
हे जल देव! तुम्हारी जो दीप्ति है, उस के द्वारा उन लोगों को दीप्तिहीन बनाओ जो हम से द्वेष करते हैं अथवा हम जिन से द्वेष करते हैं. (३)
EN English Translation
O God of water! By the light you have, make those who hate us or those we hate radiant. (3)
आपो॒ यद्वः॑ शो॒चिस्तेन॒ तं प्र॑ति शोचत॒ यो॑३ ऽस्मान्द्वेष्टि॒ यं व॒यं द्वि॒ष्मः ॥ (४)
हि हिन्दी अनुवाद
हे जल देव! तुम्हारी जो दूसरों को शोकमग्न करने की शक्ति है, उस से उन्हें शोकमग्न करो जो हम से द्वेष करते हैं अथवा हम जिन से द्वेष करते हैं. (४)
EN English Translation
O God of Water! Grieve those who hate us or those we hate with the power you have to grieve others. (4)
आपो॒ यद्व॒स्तेज॒स्तेन॒ तम॑ते॒जसं॑ कृणुत॒ यो॑३ ऽस्मान्द्वेष्टि॒ यं व॒यं द्वि॒ष्मः ॥ (५)
हि हिन्दी अनुवाद
हे जल देव! तुम्हारा जो तेज है, उस के द्वारा उन लोगों को तेजहीन बनाओ जो हम से द्वेष करते हैं अथवा हम जिन से द्वेष करते हैं. (५)
EN English Translation
O God of Water! Through the glory of yours, make those who hate us or those whom we hate. (5)