Popular:
अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 136 • Mantra 12

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 136 • मन्त्र 12

20.136.12

Mantra ID: 20.136.12

सुदे॑वस्त्वा म॒हान॑ग्नी॒र्बबा॑धते मह॒तः सा॑धु खो॒दन॑म् । कु॒सं पीव॒रो न॑वत् ॥ (१२)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 20.136.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

महान अग्नि उत्पीड़न करने वाले हैं तथा बड़ेबड़ों को कुरेदते हैं. ये स्थूल और कृश सभी को नष्ट कर देते हैं. (१२)

EN English Translation

Great agnis are oppressors and scrape the big ones. These gross and worms destroy everyone. (12)

卐 HinduText AI