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अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 136 • Mantra 15

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 136 • मन्त्र 15

20.136.15

Mantra ID: 20.136.15

म॒हान्वै॑ भ॒द्रो बि॒ल्वो म॒हान्भ॑द्र उदु॒म्बरः॑ । म॒हाँ अ॑भि॒क्त बा॑धते मह॒तः सा॑धु खो॒दन॑म् ॥ (१५)

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अथर्ववेद मन्त्र 20.136.15 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

बिल्व अर्थात्‌ बेल और उदुंबुर अर्थात्‌ गूलर-ये दोनों ही वृक्ष बड़े भले हैं. जो महान इन्हें सभी ओर से पीड़ित करता है, वह बड़ों को कुरेदता है. (१५)

EN English Translation

Bilva i.e. Bel and Udumbur i.e. Sycamore - both these trees are very good. The great one who afflicts them on all sides scratches the elders. (15)

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