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अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 137 • Mantra 11

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 137 • मन्त्र 11

20.137.11

Mantra ID: 20.137.11

त्वं ह॒ त्यद॑प्रतिमा॒नमोजो॒ वज्रे॑ण वज्रिन्धृषि॒तो ज॑घन्थ । त्वं शुष्ण॒स्यावा॑तिरो॒ वध॑त्रै॒स्त्वं गा इ॑न्द्र॒ शच्येद॑विन्दः ॥ (११)

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अथर्ववेद मन्त्र 20.137.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे वज्रधारी इंद्र! तुम ने अपने वज्र से बल नाम के असुर का वध किया. तुम ने अपने हिंसात्मक साधनों से उसे दूर कर दिया और गाएं प्राप्त कर ली. (११)

EN English Translation

O Vajradhari Indra! You killed an asura named Bal with your thunderbolt. You turned him away with your violent means and got the cows. (11)

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