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अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 143 • Mantra 7

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 143 • मन्त्र 7

20.143.7

Mantra ID: 20.143.7

इ॒हेह॒ यद्वां॑ सम॒ना प॑पृ॒क्षे सेयम॒स्मे सु॑म॒तिर्वा॑जरत्ना । उ॑रु॒ष्यतं॑ जरि॒तारं॑ यु॒वं ह॑ श्रि॒तः कामो॑ नासत्या युव॒द्रिक् ॥ (७)

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अथर्ववेद मन्त्र 20.143.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अश्चिनीकुमारो! इस यजमान को तुम ऐसी बुद्धि दो, जिस से यह तुम पर ही निर्भर रहे तथा तुम इस स्तोता के रक्षक रहो. (७)

EN English Translation

O Ashchini Kumaro! Give this host such wisdom that it may depend on you and you may be the protector of this psalm. (7)

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