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20.34.17
यः सोम॑कामो॒ हर्य॑श्वः सू॒रिर्यस्मा॒द्रेज॑न्ते॒ भुव॑नानि॒ विश्वा॑ । यो ज॒घान॒ शम्ब॑रं॒ यश्च॒ शुष्णं॒ य ए॑कवी॒रः स ज॑नास॒ इन्द्रः॑ ॥ (१७)
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अथर्ववेद मन्त्र 20.34.17 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे मनुष्यो! सोमरस की कामना करते हुए जो इंद्र अपने हरि नाम के घोड़ों को चलने के लिए प्रेरित करते हैं तथा जिन्होंने शंबर और शुष्ण नाम के असुरों को मारा, एकमात्र वे ही इंद्र हैं. (१७)
EN English Translation
O men! Wishing Someras, Indra who inspires his horses named Hari to walk and who killed asuras named Shambar and Shushna, is the only Indra. (17)