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अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 57 • Mantra 3

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 57 • मन्त्र 3

20.57.3

Mantra ID: 20.57.3

अथा॑ ते॒ अन्त॑मानां वि॒द्याम॑ सुमती॒नाम् । मा नो॒ अति॑ ख्य॒ आ ग॑हि ॥ (३)

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अथर्ववेद मन्त्र 20.57.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! हम तुम्हारी उत्तम बुद्धि को जानते हैं. तुम दूसरों के द्वारा हमारी निंदा मत कराओ तथा हमारे यज्ञ में पधारो. (३)

EN English Translation

O Indra! We know your best intellect. Do not condemn us by others and come to our sacrifice. (3)

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