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3.5.4
सोम॑स्य प॒र्णः सह॑ उ॒ग्रमाग॒न्निन्द्रे॑ण द॒त्तो वरु॑णेन शि॒ष्टः । तं प्रि॑यासं ब॒हु रोच॑मानो दीर्घायु॒त्वाय॑ श॒तशा॑रदाय ॥ (४)
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अथर्ववेद मन्त्र 3.5.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
दूसरों को पराजित करने की शक्ति देने वाली सोम मणि मुझे प्राप्त हो. इंद्र द्वारा दी हुई और वरुण द्वारा अनुमत उस प्रिय मणि को मैं सौ वर्ष की दीर्घ आयु पाने के लिए धारण करूं, (४)
EN English Translation
May I get Som Mani, who gives me the power to defeat others. I may wear that beloved gem given by Indra and allowed by Varuna to attain a long life of a hundred years, (4)