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अथर्ववेद

Kanda 5 • Sukta 23 • Mantra 10

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 5 • सूक्त 23 • मन्त्र 10

5.23.10

Mantra ID: 5.23.10

अ॑त्रि॒वद्वः॑ क्रिमयो हन्मि कण्व॒वज्ज॑मदग्नि॒वत् । अ॒गस्त्य॑स्य॒ ब्रह्म॑णा॒ सं पि॑नष्म्य॒हं क्रिमी॑न् ॥ (१०)

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अथर्ववेद मन्त्र 5.23.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मैं अत्रि ऋषि, कण्व ऋषि और जमदग्नि ऋषि के समान मंत्र बल से कृमियों का विनाश करता हूं. हे कृमियो! मैं अगस्त्य ऋषि के समान मंत्र शक्ति से तुम्हें मारता हूं. (१०)

EN English Translation

I destroy worms with the same mantra force as Atri Rishi, Kanva Rishi and Jamadagni Rishi. O worms! I kill you with the same mantra power as Agastya Rishi. (10)

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