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5.28.10
इ॒मास्ति॒स्रो दे॑वपु॒रास्तास्त्वा॑ रक्षन्तु स॒र्वतः॑ । तास्त्वं बिभ्र॑द्वर्च॒स्व्युत्त॑रो द्विष॒तां भ॑व ॥ (१०)
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अथर्ववेद मन्त्र 5.28.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
ये देवताओं की जो तीन नगरियां हैं, वे सभी ओर से तेरी रक्षा करें. उन्हें धारण करता हुआ तू अपने शत्रुओं की अपेक्षा अधिक तेजस्वी बन. (१०)
EN English Translation
May the three cities of these gods protect you from all sides. While holding them, you become more brilliant than your enemies. (10)