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अथर्ववेद

Kanda 6 • Sukta 16 • Mantra 2

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 6 • सूक्त 16 • मन्त्र 2

6.16.2

Mantra ID: 6.16.2

वि॒हह्लो॒ नाम॑ ते पि॒ता म॒दाव॑ती॒ नाम॑ ते मा॒ता । स हि॑न॒ त्वम॑सि॒ यस्त्वमा॒त्मान॒माव॑यः ॥ (२)

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अथर्ववेद मन्त्र 6.16.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सरसों के साग! तेरा पिता विहह्णल तथा माता मदावती नाम की है. तू अपना साग मनुष्यों को खाने के लिए दे देती है, इसलिए तू अपने मातापिता के समान नहीं रहती. (२)

EN English Translation

O mustard greens! Your father is vihnal and mother is madavati. You give your greens to men to eat, so you are not like your parents. (2)

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