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अथर्ववेद

Kanda 6 • Sukta 19 • Mantra 2

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 6 • सूक्त 19 • मन्त्र 2

6.19.2

Mantra ID: 6.19.2

पव॑मानः पुनातु मा॒ क्रत्वे॒ दक्षा॑य जी॒वसे॑ । अथो॑ अरि॒ष्टता॑तये ॥ (२)

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अथर्ववेद मन्त्र 6.19.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

निचोड़ा जाता हुआ सोम मुझे यज्ञ कर्म के लिए, बल प्राप्ति के लिए, जीवन के लिए तथा अहिंसा करने के लिए पवित्र करे. (२)

EN English Translation

May the squeezed Soma sanctify me for yajna karma, for gaining strength, for life and for non-violence. (2)

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