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अथर्ववेद

Kanda 6 • Sukta 26 • Mantra 2

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 6 • सूक्त 26 • मन्त्र 2

6.26.2

Mantra ID: 6.26.2

यो नः॑ पाप्म॒न्न जहा॑सि॒ तमु॑ त्वा जहिमो व॒यम् । प॒थामनु॑ व्या॒वर्त॑ने॒ऽन्यं पा॒प्मानु॑ पद्यताम् ॥ (२)

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अथर्ववेद मन्त्र 6.26.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे पाप्मा! यदि मुझे नहीं छोड़ोगे तो मैं इस अनुष्ठान द्वारा तुम्हें बलपूर्वक चार मार्गो के संगम रूप चौराहे पर छोडूंगा. वहां छोड़ा हुआ पाप हमारे शत्रुओं में प्रवेश करे. (२)

EN English Translation

O Papama! If you do not leave me, I will force you to leave you at the intersection of four paths by this ritual. May the sin left there enter our enemies. (2)

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