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7.10.2
पू॒षेमा आशा॒ अनु॑ वेद॒ सर्वाः॒ सो अ॒स्माँ अभ॑यतमेन नेषत् । स्व॑स्ति॒दा आघृ॑णिः॒ सर्व॑वी॒रोऽप्र॑युच्छन्पु॒र ए॑तु प्रजा॒नन् ॥ (२)
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अथर्ववेद मन्त्र 7.10.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
सब के पोषक सूर्य देव सभी दिशाओं को जानते हैं. वे हमें भयरहित मार्गों से ले चलें. कल्याण के दाता, दीप्तिपूर्ण एवं पुत्र, पौत्र आदि वीरों से युक्त तथा प्रमाद न करते हुए और हमें पूर्ण रूप से जानते हुए आगेआगोे चलें. (२)
EN English Translation
Everyone's nourishing Sun God knows all directions. Let them take us through fearless paths. Giver of welfare, radiant and full of heroes like son, grandson etc. and do not enlighten and know us fully, go ahead. (2)