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7.14.1
यथा॒ सूर्यो॒ नक्ष॑त्राणामु॒द्यंस्तेजां॑स्याद॒दे । ए॒वा स्त्री॒णां च॑ पुं॒सां च॑ द्विष॒तां वर्च॒ आ द॑दे ॥ (१)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
अथर्ववेद मन्त्र 7.14.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
उदय होता हुआ सूर्य जिस प्रकार तारों का प्रकाश छीन लेता है, उसी प्रकार मैं द्वेष करने वाले स्त्रीपुरुषों के तेज का अपहरण करता हूं. (१)
EN English Translation
Just as the rising sun takes away the light of the stars, I kidnap the glory of maliceous men. (1)