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अथर्ववेद

Kanda 8 • Sukta 10 • Mantra 15

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 8 • सूक्त 10 • मन्त्र 15

8.10.15

Mantra ID: 8.10.15

तां धृ॒तरा॑ष्ट्र ऐराव॒तोधो॒क्तां वि॒षमे॒वाधो॑क् ॥ (१५)

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अथर्ववेद मन्त्र 8.10.15 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

ऐरावत संबंधी सर्प ने उस का दोहन किया और विष का दोहन किया. (१५)

EN English Translation

The snake belonging to Airavat exploited it and exploited the poison. (15)

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