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8.9.24
केव॒लीन्द्रा॑य दुदु॒हे हि गृ॒ष्टिर्वशं॑ पी॒यूषं॑ प्रथ॒मं दुहा॑ना । अथा॑तर्पयच्च॒तुर॑श्चतु॒र्धा दे॒वान्म॑नु॒ष्याँ॒ असु॑रानु॒त ऋषी॑न् ॥ (२४)
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अथर्ववेद मन्त्र 8.9.24 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
इन जड़ीबूटियों को और मनुष्यों को पांच जल सींचते हैं. पहली बार बच्चा देने वाली गाय ने इंद्र के लिए अमृतरूपी दूध दिया. उसी दूध से इंद्र ने देवों, मनुष्यों, ऋषियों एवं असुरों ¬इन चारों को तृप्त किया. (२४)
EN English Translation
These herbs and humans irrigate five waters. The cow, which gave the child for the first time, gave nectar milk for Indra. With the same milk, Indra satisfied the gods, humans, sages and asuras. (24)