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अथर्ववेद

Kanda 8 • Sukta 9 • Mantra 25

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 8 • सूक्त 9 • मन्त्र 25

8.9.25

Mantra ID: 8.9.25

को नु गौः क ए॑कऋ॒षिः किमु॒ धाम॒ का आ॒शिषः॑ । य॒क्षं पृ॑थि॒व्यामे॑क॒वृदे॑क॒र्तुः क॑त॒मो नु सः ॥ (२५)

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अथर्ववेद मन्त्र 8.9.25 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

वह गाय कौन सी है? एक ऋषि कौन है. उन का स्थान वया है और आशीर्वाद क्या है. पृथ्वी पर एक वृत्त और एक ऋतु ही पूजनीय है. वह कीन सी है? (२५)

EN English Translation

Which cow is that? Who is a sage? Their place is vaya and what is the blessings. Only a circle and a season are revered on earth. Is he a keen? (25)

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