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अथर्ववेद

Kanda 9 • Sukta 11 • Mantra 1

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 9 • सूक्त 11 • मन्त्र 1

9.11.1

Mantra ID: 9.11.1

यत्क्ष॒त्तारं॒ ह्वय॒त्या श्रा॑वयत्ये॒व तत् ॥ (१)

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अथर्ववेद मन्त्र 9.11.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जो क्षत्ता अर्थात्‌ इच्छित कार्य करने वाले का आह्वान करता है, वह श्रुति को ही सुनाता है. (१)

EN English Translation

The one who invokes the person who does the desired work, he narrates it to Shruti. (1)

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