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अथर्ववेद

Kanda 9 • Sukta 12 • Mantra 15

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 9 • सूक्त 12 • मन्त्र 15

9.12.15

Mantra ID: 9.12.15

वि॒श्वव्य॑चा॒श्चर्मौष॑धयो॒ लोमा॑नि॒ नक्ष॑त्राणि रू॒पम् ॥ (१५)

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अथर्ववेद मन्त्र 9.12.15 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

विश्वव्यचा इस का चर्म है, जड़ीबूटियां इस के लोम हैं तथा नक्षत्र इस का रूप है. (१५)

EN English Translation

Vishwavyacha is its skin, herbs are its lom and nakshatra is its form. (15)

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