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अथर्ववेद

Kanda 9 • Sukta 12 • Mantra 17

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 9 • सूक्त 12 • मन्त्र 17

9.12.17

Mantra ID: 9.12.17

रक्षां॑सि॒ लोहि॑तमितरज॒ना ऊब॑ध्यम् ॥ (१७)

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अथर्ववेद मन्त्र 9.12.17 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

राक्षस इस के लोहित अर्थात रक्त और अन्य जन इस के ऊवध्य हैं. (१७)

EN English Translation

The demons are its lohit i.e. blood and other people are its roots. (17)

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