Popular:
अथर्ववेद

Kanda 9 • Sukta 12 • Mantra 26

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 9 • सूक्त 12 • मन्त्र 26

9.12.26

Mantra ID: 9.12.26

उपै॑नं वि॒श्वरू॑पाः॒ सर्व॑रूपाः प॒शव॑स्तिष्ठन्ति॒ य ए॒वं वेद॑ ॥ (२६)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 9.12.26 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जो इस बात को जानता है, वह सारे संसार के सभी रूपों वाले पशुओं का स्वामी बनता है. (२६)

EN English Translation

He who knows this becomes the master of animals of all forms of the whole world. (26)

卐 HinduText AI