Atharvaveda Quick Jump
Navigate to any Kanda or Mantra
9.13.6
यस्य॑ भी॒मः प्र॑तीका॒श उ॑द्वे॒पय॑ति॒ पूरु॑षम् । त॒क्मानं॑ वि॒श्वशा॑रदं ब॒हिर्निर्म॑न्त्रयामहे ॥ (६)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
अथर्ववेद मन्त्र 9.13.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
जिस का भयानक आवेश मनुष्य को कंपित कर देता है, शरद ऋतु में होने वाले उस ज्वर को हम तुझ से पूर्ण रूप से दूर करते हैं. (६)
EN English Translation
Whose terrible charge staggers man, we completely remove that fever from you in autumn. (6)