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अथर्ववेद

Kanda 9 • Sukta 2 • Mantra 23

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 9 • सूक्त 2 • मन्त्र 23

9.2.23

Mantra ID: 9.2.23

ज्याया॑न्निमि॒षतोसि॒ तिष्ठ॑तो॒ ज्याया॑न्त्समु॒द्राद॑सि काम मन्यो । तत॒स्त्वम॑सि॒ ज्याया॑न्वि॒श्वहा॑ म॒हांस्तस्मै॑ ते काम॒ नम॒ इत्कृ॑णोमि ॥ (२३)

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अथर्ववेद मन्त्र 9.2.23 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे कामदेव! हे मन्यु! पलक झपकाने वाले एवं स्थित रहने वाले प्राणियों तथा समुद्र से भी तुम महान हो. तुम सारे विश्व में व्याप्त हो. मैं तुम को नमस्कार करता हूं. (२३)

EN English Translation

O Cupid! O Manu! You are greater than the blinking and situated creatures and the sea. You are all over the world. I salute you. (23)

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