Popular:
अथर्ववेद

Kanda 9 • Sukta 7 • Mantra 4

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 9 • सूक्त 7 • मन्त्र 4

9.7.4

Mantra ID: 9.7.4

तेषा॒मास॑न्नाना॒मति॑थिरा॒त्मञ्जु॑होति ॥ (४)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 9.7.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

अतिथि उन परोसे हुए भोज्य पदार्थो का आत्मा में ही हवन करता है. (४)

EN English Translation

The guest performs havan in the soul of those served food items. (4)

卐 HinduText AI