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अथर्ववेद

Kanda 9 • Sukta 7 • Mantra 6

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 9 • सूक्त 7 • मन्त्र 6

9.7.6

Mantra ID: 9.7.6

ए॒ते वै प्रि॒याश्चाप्रि॑याश्च॒र्त्विजः॑ स्व॒र्गं लो॒कं ग॑मयन्ति॒ यदति॑थयः ॥ (६)

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अथर्ववेद मन्त्र 9.7.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

अतिथि ही वे प्रिय अथवा अप्रिय अतिथि हैं, जो यजमान को स्वर्गलोक में भेजते हैं. (६)

EN English Translation

Guests are the beloved or unpleasant guests who send the host to heaven. (6)

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